भूत
(अंद्विश्वास की कुरीतियों को दूर करने के लिए एक कथा भूत ...।) आंधी व घटा तो आता ही रहती थी पर जिस दिन स्याम बाबू अपने बेटे को खेल सिखाने के लिए खेल के मैदान में ले जा रहे थे। उस दिन इतनी भयंकर आंधी आई की श्याम बाबू चल न सके, अचानक गिर पड़े । उन्हें देखकर कुछ ऐसा प्रतीत हो रहा था निष्प्राण है पर उनकी सहसा आँखें खुली तो देखा एक बूढी औरत उनके करीब आ रही थी । पर श्याम बाबू भय रहित आँखों से पर्दा हटाया और लोहा लेने के लिए तैयार हो गए। उनके इस वीरता को देख वह बूढी औरत कफर हो चली ... आखिर श्याम बाबू क