हीराबेन मोदी का परिचय
प्रधानमंत्री नरेंद्र जी की मां का पूरा नाम हीराबेन दामोदर दास मोदी था। हीराबेन मोदी का जन्म 1920 में हुआ था। हीराबेन को अपनी मां का कुछ ही दिनों का साथ मिला था उन्हें तो पता ही नहीं था की उनकी मां दिखती कैसी थी क्योंकि वो सिर्फ कुछ ही दिनों की थी जब उनकी मां की मृत्यु हो गई थी। हीराबेन का जीवन बहुत ही कठिनाईयों भरा था वो वक़्त से पहले ही बड़ी हो गई और सारी जिम्मेदारीया सम्भालने लगी थी उन्होंने कभी स्कूली शिक्षा भी ग्रहण नहीं की क्योंकि इनका परिवार गरीब था इसलिए उन्होंने शिक्षा नहीं ली और इनकी 15 वर्ष की आयु में विवाह हो गया।अब ये हीरा से हीरा दामोदर दास मूलचंद्र बन गई थी इतनी छोटी उम्र में उन्होंने अपने परिवार को एक जुट करके रखा था कभी भी उन्हें बिखरने नहीं दिया और हीरा बेन के पांच बेटे और एक बेटी है। बेटो के नाम - सोमा मोदी, अमृत मोदी, नरेन्द्र मोदी, प्रहलाद मोदी, पंकज मोदी, और इनकी बेटी का नाम - वासंती बेन हंसमुख लाल मोदी है।
दामोदर दास मूलचंद्र मोदी:- एक जानकारी के अनुसार यह बताया जाता है कि दामोदर दास मोदी पहले घर चलाने के लिए उन्हें वड़नगर की सड़क पर चाय की दुकान लगाया करते थे जिससे उनके परिवार का घर चला करता था लेकिन ये भी कम पड़ जाती थे तो उन्होंने सोचा कि अब रेलवे स्टेशन पर भी चाय बेचने का काम करना पड़ेगा और उन्होंने किया भी और जो इससे पैसे आते थे उससे ये अपने बच्चों को शिक्षित किया करते थे इनकी मृत्यु सन् 1889 में हुई थी।
पीएम की भावुक चिठ्ठी:- एक चिठ्ठी में पीएम ने लिखा कि घर चलाने के लिए दो चार पैसे ज्यादा मिल जाए, इसके लिए मां दुसरे के घर में बर्तन मांजा करतीं थीं लेकिन इससे भी कुछ ही पैसे जुट पाते थे कपास के छिलके से रुई निकालने का काम किया करतीं और फिर रुई से धागे बनाने का काम भी उनकी मां किया करती थी। मोदी कहते थे कि उन्हें डर लगता था कि कहीं मां के हाथों में कपास के काटे ना चुभ जाए।
अक्सर अपनी मां से मिलने जाया करते थे प्रधानमंत्री मोदी :- इस बात को लेकर भी नरेन्द्र मोदी को विपक्षियों ने निशाना बनाया था। नरेन्द्र मोदी को अपनी मां से काफी लगाव था वो अपनी मां के जन्मदिन पर या अपने जन्मदिन पर उनका आशीर्वाद लेने जाया करते थे और मां उन्हें खूब सारा प्यार और आशीर्वाद दिया करती थी उनकी मां उन्हें उपहार के रूप में एक किताब दिया करती थी।
0 comments
Be the first to comment!
This post is waiting for your feedback.
Share your thoughts and join the conversation.