ताउम्र कुछ बाते यादे बन जाती है
कुछ मुलाकाते अधुरी रह जाती है
ज़रुरी नहीं जो पुरा हो वही सच्चा है
कुछ अधुरे किस्से भी कहानी बन जाती है
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